19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज, किशनगंज। स्वच्छता पखवाड़ा का समापन समारोह।

19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज, किशनगंज। स्वच्छता पखवाड़ा का समापन समारोह।

19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज, किशनगंज। स्वच्छता पखवाड़ा का समापन समारोह।
19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज, किशनगंज। स्वच्छता पखवाड़ा का समापन समारोह। Jawan Times

आज दिनांक 15 दिसम्बर को 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज की वाहिनी मुख्यालय के साथ साथ सभी समवायों एवं बाह्य सीमा चौकियों में स्वच्छता पखवाडा का समापन किया गया जो की 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक चलाया गया।
श्री स्वर्ण जीत शर्मा, कमांडेंट, 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज के दिशा निर्देश पर वाहिनी मुख्यालय के साथ साथ सभी समवायों एवं बाह्य सीमा चौकियों में 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया गया जिसमे सभी बलकार्मिकों ने अपने कैंप परिसर के साथ साथ अपने क्षेत्र के सामुदायिक भवन , विद्यालयों , बाज़ार परिसर विभिंन्न जगहों पर स्वच्छता अभियान चलाया | इस कार्यक्रम में विद्यालयों के शिक्षकगण ,छात्र छात्राओं एवं ग्रामीणों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और अपने परिसर को स्वच्छ बना।

19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज, किशनगंज। स्वच्छता पखवाड़ा का समापन समारोह।
19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज, किशनगंज। स्वच्छता पखवाड़ा का समापन समारोह। Jawan Times

इसी क्रम में आज महोदय के द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के समापन पर सभी को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया और उन्होंने बताया की स्वच्छता एक क्रिया है जिससे हमारा शरीर, दिमाग, कपड़े, घर, आसपास और कार्यक्षेत्र साफ और शुद्ध रहते है। हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिये साफ-सफाई बेहद जरुरी है। अपने आसपास के क्षेत्रों और पर्यावरण की सफाई सामाजिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के लिये बहुत जरुरी है। हमें साफ-सफाई को अपनी आदत में लाना चाहिये और कूड़े को हमेशा कूड़ेदान में ही डालना चाहिये, चाहिये क्योंकि गंदगी वह जड़ है जो कई बीमारियों को जन्म देती है।

गंदगी से आसपास के क्षेत्रों में कई तरह के कीटाणु, बैक्टीरिया वाइरस तथा फंगस आदि पैदा होते हैं जो बीमारियों को जन्म देते हैं। हम जब भी कुछ खाने जाएँ तो अपने हाथों को साबुन से धो लें। अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिये हमें बिल्कुल साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिये। स्वच्छता से हमारा आत्म-विश्वास बढ़ता है और दूसरों का भी हम पर भरोसा बनता है। ये एक अच्छी आदत है जो हमें हमेशा खुश रखेगी। ये हमें समाज में बहुत गौरान्वित महसूस कराएगी। साफ-सफाई केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि ये घर, समाज, समुदाय, और देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें इसके महत्व और फायदों को समझना चाहिये। हमें कसम खानी चाहिये कि, न तो हम खुद गंदगी फैलाएंगे और किसी को फैलाने देंगे।

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इस अभियान में उप कमांडेंट, श्री एम् ब्रोज़ेन सिंह , उप कमांडेंट, श्री रविकान्त द्विवेदी, उप कमांडेंट, श्री जगजीत बहादुर जेग्वार , सहायक कमांडेंट, श्री सुनील कुमार एवं अन्य बल कार्मिकों ने बढ़ चढ़ कर अपनी जिम्मेदारियां निभाई |

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इसी क्रम में आज महोदय के द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के समापन पर सभी को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया और उन्होंने बताया की स्वच्छता एक क्रिया है जिससे हमारा शरीर, दिमाग, कपड़े, घर, आसपास और कार्यक्षेत्र साफ और शुद्ध रहते है। हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिये साफ-सफाई बेहद जरुरी है। अपने आसपास के क्षेत्रों और पर्यावरण की सफाई सामाजिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के लिये बहुत जरुरी है। हमें साफ-सफाई को अपनी आदत में लाना चाहिये और कूड़े को हमेशा कूड़ेदान में ही डालना चाहिये, चाहिये क्योंकि गंदगी वह जड़ है जो कई बीमारियों को जन्म देती है।

गंदगी से आसपास के क्षेत्रों में कई तरह के कीटाणु, बैक्टीरिया वाइरस तथा फंगस आदि पैदा होते हैं जो बीमारियों को जन्म देते हैं। हम जब भी कुछ खाने जाएँ तो अपने हाथों को साबुन से धो लें। अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिये हमें बिल्कुल साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिये। स्वच्छता से हमारा आत्म-विश्वास बढ़ता है और दूसरों का भी हम पर भरोसा बनता है। ये एक अच्छी आदत है जो हमें हमेशा खुश रखेगी। ये हमें समाज में बहुत गौरान्वित महसूस कराएगी। साफ-सफाई केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि ये घर, समाज, समुदाय, और देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें इसके महत्व और फायदों को समझना चाहिये। हमें कसम खानी चाहिये कि, न तो हम खुद गंदगी फैलाएंगे और किसी को फैलाने देंगे।

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