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वाराणसी, 13 जून 2026: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के घाटों पर आज सुबह एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने वहाँ मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं की सांसें थाम दीं। लेकिन संकट के समय देश की सबसे भरोसेमंद ताकत NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब तक वे तैनात हैं, तब तक हर नागरिक सुरक्षित है।
मुख्यालय, 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ (Varanasi) की तत्परता से आज गंगा नदी के वाराही घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया और गहरे पानी में डूब रहे एक 28 वर्षीय युवक की जान बचा ली गई।
⏰ सुबह 08:40 बजे: जब अचानक थम गईं श्रद्धालुओं की सांसें
रोजाना की तरह आज सुबह भी वाराणसी के वाराही घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। लोग आस्था की डुबकी लगा रहे थे। इसी दौरान सुबह लगभग 08:40 बजे, बिहार से आए एक युवक का पैर गहरे पानी में फिसल गया और वह तेजी से लहरों के बीच डूबने लगा। युवक को डूबता देख घाट पर चीख-पुकार मच गई।

🏊♂️ देवदूत बनकर कूदे NDRF के जांबाज रेस्क्यूअर्स
स्थिति की गंभीरता और समय की नजाकत को देखते हुए वाराही घाट पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात 11वीं वाहिनी NDRF की टीम तुरंत एक्शन में आई। बिना एक सेकंड गंवाए, जांबाज बचाव कर्मियों ने उफनती गंगा नदी में छलांग लगा दी।
NDRF की टीम ने अपनी बेहतरीन ट्रेनिंग और सूझबूझ का परिचय देते हुए लाइफ बॉय (Life Buoy) की मदद से डूब रहे युवक को चारों तरफ से घेर लिया। लहरों को चीरते हुए जांबाजों ने युवक को सुरक्षित पकड़ लिया और सूझबूझ से नदी के तट पर वापस ले आए।
बचाए गए युवक की पहचान:
नाम: पुनीत शर्मा (उम्र 28 वर्ष)
पिता का नाम: श्री विवेक शर्मा
निवासी: गोपालगंज, बिहार
समय रहते किए गए इस त्वरित और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण पुनीत की जान बचाई जा सकी। घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने इस लाइव रेस्क्यू को अपनी आंखों से देखा और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ ‘एनडीआरएफ टीम जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
📢 मानसून को लेकर DIG मनोज कुमार शर्मा की आमजन से बड़ी अपील
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 11वीं वाहिनी NDRF के उप महानिरीक्षक (DIG) श्री मनोज कुमार शर्मा ने आम जनता और वाराणसी आने वाले तीर्थयात्रियों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है।
“जागरूकता एवं सतर्कता ही डूबने की घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। विशेष रूप से मानसून की शुरुआत के साथ ही नदियों की जलधाराओं का वेग और जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाता है। इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है।”
NDRF द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस:
🚫 गहरे पानी में न जाएं: घाटों पर बनाए गए सुरक्षित घेरे या चेन के अंदर ही रहकर स्नान करें।
⚠️ चेतावनी संकेतों पर ध्यान दें: घाटों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए डेंजर ज़ोन के बोर्ड और लाल झंडों को कतई नजरअंदाज न करें।
👮♂️ सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें: ड्यूटी पर तैनात NDRF, जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को अनिवार्य रूप से मानें।
🧠 आपके विचार: क्या आपने कभी ऐसा रेस्क्यू देखा है?
NDRF के इन जांबाजों ने आज एक पिता के बेटे और बिहार के एक परिवार का चिराग बुझने से बचा लिया। आपदा चाहे कोई भी हो—बाढ़, भूकंप या ऐसी दुर्घटनाएं—हमारे ‘जवान’ हमेशा अग्रिम मोर्चे पर डटे रहते हैं।
जवान टाइम्स की पूरी टीम 11वीं वाहिनी NDRF, वाराणसी के इन जांबाज हीरोज को सलाम करती है! 🫡