High-Level Meeting Strengthens Security and Infrastructure on India-Nepal Border. | भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित

High-Level Meeting Strengthens Security and Infrastructure on India-Nepal Border

High-Level Meeting Strengthens Security and Infrastructure on India-Nepal Border

भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित

लखनऊ, 7 फरवरी 2025: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) के लखनऊ सीमांत मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन ने की, जिसमें विभिन्न राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

सीमा सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा

बैठक में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों, सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और जाली मुद्रा के प्रसार को रोकने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा हुई। सीमा चौकियों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने, पेट्रोलिंग को बढ़ाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

प्रमुख बिंदु:

✔️ सीमा पार अपराधों पर कड़ी निगरानी: दोनों देशों के बीच अवैध व्यापार, मानव तस्करी और घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी नेटवर्क और गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

✔️ सीमा चौकियों का आधुनिकीकरण: सीमा पर मौजूद चेकपोस्ट्स को अपग्रेड कर उन्हें फुल-बॉडी स्कैनर, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और बायोमेट्रिक सिस्टम से लैस किया जाएगा।

✔️ राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय: उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड पुलिस के साथ SSB और अन्य खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एकीकृत निगरानी केंद्र (Integrated Monitoring Center) स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

✔️ स्मार्ट बॉर्डर फेंसिंग: भारत-नेपाल सीमा के संवेदनशील हिस्सों पर स्मार्ट बॉर्डर फेंसिंग लगाने पर सहमति बनी, जिससे अवैध घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।

✔️ सीमा पर बुनियादी सुविधाएं: सीमावर्ती गांवों में सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके और सुरक्षा एजेंसियों का काम आसान हो।

बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय, राज्य और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:

1️⃣ सीमा प्रबंधन सचिव – डॉ. राजेंद्र कुमार

2️⃣ सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक – श्री अमृत मोहन प्रसाद

3️⃣ उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव – श्री मनोज कुमार सिंह

4️⃣ बिहार के मुख्य सचिव – श्री अमृत लाल मीणा

5️⃣ उत्तर प्रदेश के डीजीपी – श्री प्रशांत कुमार

6️⃣ बिहार के डीजीपी – श्री विनय कुमार

7️⃣ उत्तराखंड के डीजीपी – श्री दीपम सेठ

8️⃣ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव – श्री संजय प्रसाद

9️⃣ केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव – श्री मिहिर कुमार

🔟 एसएसबी के विभिन्न सीमांतों के महानिरीक्षक – श्री नैय्यर हसनैन ख़ान, श्री रत्न संजय, श्री अमित कुमार

सीमा सुरक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता

बैठक के दौरान भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने और सीमा पर शांति बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। गृह मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि सीमा की सुरक्षा को और पुख्ता बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।

SSB महानिदेशक श्री अमृत मोहन प्रसाद ने कहा, “भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीकों और समन्वित प्रयासों से हम इसे और अधिक मजबूत बनाएंगे।”

इस उच्च स्तरीय बैठक से भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो आने वाले समय में सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करेंगे। राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने से सीमा पार अपराधों को रोकने और दोनों देशों के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

➡️ आपको क्या लगता है, भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए और कौन-से कदम उठाए जाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं!

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जवान टाइम्स

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