19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ

19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ
19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ

दिनांक 15/01/24
19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम।दिनांक 15.01.24 को 19वी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत उच्च मुख्यालय के आदेशानुसार एवं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी श्री अनूप रोबा कछप के दिशानिर्देशन में वाहिनी के बलकार्मिकों के लिए चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया। श्री जगजीत बहादुर जेगवार उप कमान्डेंट, 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ठाकुरगंज द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गयी | सर्वप्रथम कार्यक्रम के दौरान श्री जगजीत बहादुर जेगवार उप कमांडेंट 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त करने आये समस्त समवायों के कार्मिकों का स्वागत और अभिनन्दन किया |

19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ

उन्होंने बताया कि वाहिनी द्वारा आज इस “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त करके आये हमारे कार्मिक आरक्षी (सामान्य ) भुवन बोरपात्रा द्वारा इस प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है | महोदय द्वारा मधुमक्खी पालन से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि, कैसे इससे हम अपने घरों पर भी इस व्यवसाय को उन्नत और समृद्ध कर सकते हैं | मधुमक्खियों का कृषि उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान है ।

19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ
19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा “राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन” के अंतर्गत चार दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का शुभारम्भ

मधुमक्खी पालन का हमारे दैनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण स्थान है यह किसानों का सच्चा मित्र है, अगर इसके फायदों की बात करें तो मधुमक्खी उत्पाद जैसे मधु, रायलजेली व पराग के सेवन से मानव स्वस्थ एवं निरोगित होता है। मधु का नियमित सेवन करने से तपेदिक, अस्थमा, कब्जियत, खून की कमी, रक्तचाप की बीमारी नहीं होती , रायल जेली का सेवन करने से ट्यूमर नहीं होता है और स्मरण शक्ति व आयु में वृद्वि होती है। मधु मिश्रित पराग का सेवन करने से प्रास्ट्रेटाइटिस की बीमारी नहीं होती है। मौनी विष से गाठिया, बताश व कैंसर की दवायें बनायी जाती हैं। बी- थिरैपी से असाध्य रोगों का निदान किया जाता है। और अंत में महोदय ने सभी प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि इस प्रशिक्षण को पुरे मन से कर वाहिनी के अन्य बलकार्मिकों एवं सीमान्त क्षेत्र के किसानों को भी इसके लाभ से अनुग्रहित करेंगे |
इस कार्यक्रम में उप निरीक्षक दिनकर कुमार मिश्रा , सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार, मुख्य आरक्षी गणेश दत्त , आरक्षी संजय कुमार एवं 25 बलकर्मी उपस्थित रहे |

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