
Large-scale Tree Plantation Program Using Miyawaki Technique by 19th Battalion, SSB, Thakurganj
19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज द्वारा मियावाकी तकनीक से वृक्षारोपण कार्यक्रम

जवान टाइम्स: ठाकुरगंज, 20 जुलाई 2024: 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, ठाकुरगंज ने मियावाकी तकनीक का उपयोग कर वृहद् स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
इस वर्ष वाहिनी को मियावाकी तकनीक से सघन वन विकसित करने का लक्ष्य दिया गया है, जिसके तहत आज श्री एम. ब्रोजेन सिंह, कार्यवाहक कमांडेंट की उपस्थिति में 1500 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वृक्षारोपण किया गया। यह कार्यक्रम बेलवा में आयोजित किया गया, जिसमें वाहिनी के समस्त अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी, जवान, स्थानीय ग्रामीण और बच्चे भी शामिल हुए।

कार्यवाहक कमांडेंट श्री एम. ब्रोजेन सिंह ने बताया कि मियावाकी तकनीक के माध्यम से किए जा रहे वृक्षारोपण से भूमि कटाव को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “वृक्ष हमारे पर्यावरण के अभिन्न अंग हैं और इनके बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है। वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।”

वृक्षारोपण के महत्व को समझाते हुए, उन्होंने आगे कहा कि पेड़ न केवल वायु प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं बल्कि जल प्रदूषण को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ वातावरण से हानिकारक गैसों को अवशोषित कर ताजगी प्रदान करते हैं और गर्मी के असर को कम करते हैं। पेड़ों से प्राप्त ठंडक का असर ऐसा है कि यह आसपास के क्षेत्रों में 50% तक एयर कंडीशनर की आवश्यकता को कम कर सकता है।

कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट (संचार) श्री सुनील कुमार सहित बल के सभी अधीनस्थ अधिकारी और 100 बल कार्मिक उपस्थित रहे। उन्होंने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस पहल को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने वृक्षारोपण के महत्त्व को समझा और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया। स्थानीय ग्रामीण और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दिया।