
CAPF Group-A कैडर रिव्यू पर बड़ा अपडेट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद MHA ने जारी किए सख्त निर्देश
नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के ग्रुप-A कैडर समीक्षा के आदेश के कई महीनों बाद केंद्र सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी छह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) को Group-A अधिकारियों के कैडर की व्यापक समीक्षा करने और विस्तृत प्रस्ताव एक महीने के भीतर मंत्रालय को सौंपने का निर्देश जारी किया है।
क्या है मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने 23 मई 2025 के अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि CAPF को Organised Group-A Services (OGAS) के सभी लाभ मिलने चाहिए और इस सेवा के अंतर्गत कैडर समीक्षा भी अनिवार्य है। अदालत ने मंत्रालय को इन कार्रवाइयों को छह महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था।
लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश देर से जारी होने के कारण समीक्षा प्रक्रिया अभी तक लगभग अधूरी थी। इसी कड़ी में अब MHA ने फाइनल निर्देश जारी किया है ताकि CAPF समूह-A कैडर समीक्षा समय पर पूरी हो सके।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
• सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि CAPF अधिकारियों को OGAS का दर्जा केवल नॉन-फंक्शनल वित्तीय उन्नयन (NFFU) तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें पूरे कैडर-सम्बंधित लाभ मिलने चाहिए।
• अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CAPF में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को क्रमिक रूप से कम किया जाए ताकि कैडर अधिकारियों को पदोन्नति और नेतृत्व के अवसर मिल सकें।
• केंद्र सरकार द्वारा किए गए पुनर्विचार याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिससे यह फैसला और मजबूत हो गया।
CAPF अधिकारियों की प्रतिक्रिया
CAPF के कई अधिकारियों ने पहले ही इस मामले पर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री को खुला पत्र लिखकर समान अधिकार, पदोन्नति के अवसर, और सम्मान की मांग की थी।
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